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टर्बोजेट

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समस्या

टर्बोजेट एक परिवर्तित डीज़ल है, जो आपके वाहन को उच्च कार्य के लिए निरंतर ऊर्जा प्रदान करता है।

कभी सोचा है कि आपके वाहन की कार्यक्षमता समय के साथ क्यों कम हो जाती है ? इसका जवाब जमाव में छिपा हुआ है ।

डीज़ल इंजन गर्म कम्प्रेस्ड एअर में डीज़ल इंजेक्ट करने से होता है जहां डीज़ल अधिक तापमान के कारण जलता है ।

ईंधन के संपूर्ण ज्वलन के लिए, ईंधन इंजेक्टर के लिए निहायत जरूरी है कि वह ईंधन को महीन धुंध में परिवर्तित कर कम्बशन चेम्बर में समान रूप से फैला दे| इससे पम्प में समय के साथ साथ अत्यधिक घिसाव होता है और इंजेक्टर्स पर जमाव शुरू हो जाता है ।

इसके परिणामस्वरूप, डीज़ल का बहाव प्रभावित होता है और धुंध में ईंधन की बूंदें आकार में असमान हो जाती हैं और असमान ढंग से ही फैल जाती हैं। इससे न केवल कम्बशन अधूरी होती है बल्कि जमाव में भी वृद्धि होती है । स्वाभाविक है कि वाहन का पावर और एक्सिलरेशन इससे प्रभावित होता है और अधिक डीज़ल जलता है । ये जमाव बेहद ज्यादा नुकसान करते हैं और इससे :

  • इंजेक्टर की ओपनिंग बाधित होती है
  • फ्यूल स्प्रे पैटर्न की हानि
  • अस्थिर आइडलिंग
  • टॉर्क एवं पावर की हानि
  • कम माइलेज
  • अधिक उत्सर्जन
  • अधिक प्रचालन / रखरखाव का खर्च

समाधान

टर्बोजेट हो तो समाधान बहुत ही आसान है। टर्बोजेट को जमाव को रोकने तथा डीज़ल इंजनों की अन्य समस्याओं से निपटने के लिए तैयार किया गया है ।

वास्तव में, टर्बोजेट न केवल वर्तमान जमाव को निकालता है बल्कि नए जमाव को भी रोकता है । इससे आपका वाहन जमाव से सदा ही मुक्त रहेगा और इंजन की कार्यक्षमता भी बेहतरीन रहेगी ।

तथापि, टर्बोजेट के एक या दो टैंक फिल करने के बाद ही इसका असर दिखाई देगा। ऐसा इसलिए है कि वर्तमान जमाव को पूरी तरह से साफ होने में थोड़ा समय लग सकता है। लेकिन एक बात तो निश्चित है के टर्बोजेट के लगातार प्रयोग से आपके वाहन की कार्यक्षमता में अवश्य सुधार होगा।

लाभ

  • फ्यूल इंजेक्टर को साफ रखता है
  • इंजन के पुर्जों को जंग से बचाता है
  • ईंधन पानी को इमल्शन होने से बचाता है
  • फोमिंग कम करता है
  • फ्यूल पम्प की आयु बढ़ाता है
  • एक्जॉस्ट उत्सर्जन को कम करता है

अपने टैंक को टर्बोजेट से भरे, ये करीबी क्लब एचपी आउटलेट मे उपलब्ध है। इससे खर्च थोड़ा सा बढ़ेगा लेकिन बढ़ी हुई माइलेज से आपको निश्चित ही फायदा होगा। ऐसे वाहन का आपके पास होना आपके लिए गर्व की बात होगी।

अक्सर पूछे जानेवाले सवाल

  1. टर्बोजेट क्या है ?

    टर्बोजेट नई पीढी़ का डीज़ल है, जिसमें मल्टीफक्शंनल एडिटिव्स होते हैं जो आपके वाहन को अच्छी स्थिति में रखता है जिससे बेहतरीन कार्य, अधिक माइलेज, आसान एक्सिलरेशन और कम उत्सर्जन होता है।

  2. टर्बोजेट कैसे काम करता है ?

    अपने वाहन में नियमित रूप से सामान्य एचएसडी – हाई स्पीड डीज़ल के प्रयोग से इंजन के संवेदनशील भागों में जमाव हो जाता है । ये जमाव कम्बशन चेम्बर में ईंधन के बहाव को प्रभावित करते हें जिससे कम्बशन अनुचित एवं अधूरा रह जाता है। इससे कार्यक्षमता कम होती है। टर्बोजेट में मिलाए गए मल्टीफंक्श्नल एडिटिव ध्यानपूर्वक चुने जाते हैं, ये न केवल मौजूदा जमाव को साफ करते हैं बल्कि नए जमाव को भी बनने से रोकता है। यह इस बात को सुनिश्चित करता है कि वाहन के इंजन में आगे चलकर जमाव न हो। इससे कम्बशन चेम्बर में ईंधन का सुचारू रूप से बहाव होता है । इसका अर्थ है कि ईंधन की यह मात्रा आपको बेहतर माइलेज, अधिक पावर और एक्सिलरेशन, स्वच्छ उत्सर्जन और सतत उत्कृष्ट कार्यक्षमता प्रदान करती है। इतना ही नहीं टर्बोजेट के आसान स्टार्ट अप के जरिए बेहतर आइडलिंग, कम वाइब्रेशन से आपकी ड्राइविंग और आसान हो जाती है।

  3. क्या इन एडिटिव्स का वाहन पर कोई दुष्प्रभाव होता है?

    जी नहीं, टर्बोजेट में मिलाए गए एडिटिव्स से आपके वाहन पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। वास्तव में टर्बोजेट ही ऐसा ईंधन है जो आपके इंजन और आपके वाहन को स्वस्थ‍ रखने में सहायक सिद्ध होगा ।
  4. क्या टर्बोजेट का केवल एसयूवी में प्रयोग किया जा सकता है?
    टर्बोजेट हर प्रकार के डीज़ल इंजन के लिए उपयोगी है। इस नई पीढ़ी के डीज़ल का निर्माण पैसेंजर कार, एसयूवी, हल्के वाणिज्यिक वाहनों तथा भारी वाहनों के लिए किया गया है। ये कृ‍षि उपकरणों, डीज़ल से चलने वाले जनरेटर सेट और ऑफ रोड निर्माण उपकरणों के लिए भी उपयुक्त है।
  5. मैं टर्बोजेट का असर कितनी जल्‍दी देख सकता हूँ?
    टर्बोजेट का असर आपके वाहन में पहले से जमे हुए जमाव की मात्रा पर निर्भर करता है। इसका असर देखने के लिए आपको दो से तीन बार अपने वाहन में टर्बोजेट भरना होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि वर्तमान जमाव को साफ करने और इसे पूरी तरह से निकालने में कुछ वक्त तो लगता ही है। लेकिन एक बात तो तय है कि टर्बोजेट के बार बार प्रयोग करने से आपके वाहन की कार्यक्षमता निश्चित तौर पर उत्तम रहेगी।
  6. क्या ये सभी एचपी आउटलेटों पर उपलब्ध है?
    वर्तमान में टर्बोजेट भारत के लगभग 700 क्ल्ब एचपी आउटलेटों में उपलब्ध़ है। अपने करीबी आउटलेट का पता लगाने के लिए आप वेबसाईट पर प्रदान लोकेटर सुविधा का प्रयोग कर सकते हैं। टर्बोजेट उपलब्ध करानेवाले आउटलेटों की संख्या धीरे – धीरे बढ़ रही है । हम सूची को नियमित रूप से अपेडेट करते रहेंगे।
  7. टर्बोजेट भरने के बाद यदि सामान्य डीज़ल भरने का विकल्प हो तो क्या इससे मेरे
    इंजन को कोई नुकसान तो नहीं पहुँचेगा? क्या टर्बोजेट का फिर से प्रयोग करने पर मेरे इंजन पर कोई प्रभाव तो नहीं पड़ेगा?

    टर्बोजेट सामान्य हाई स्पीड डीज़ल ही है जिसमें विशेष मल्टी फंक्शनल एडिटिव्स पैकेज मिलाए गए हैं, इसलिए टर्बोजेट और सामान्य ईंधन के नियमित प्रयोग से आपके वाहन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसलिए जरूरत पड़ने पर आप अपने वाहन में सामान्य डीज़ल भी भर सकते हैं। हम आपको नियमित रूप से टर्बोजेट भरने की सलाह देते हैं ताकि जमाव को हमेशा के लिए दूर रखा जा सके। यदि आपको कभी सामान्य डीज़ल भरना पड़े तो आप जल्द से जल्द टर्बोजेट का पुन: प्रयोग कर सकते हैं।

  8. टैंक में सामान्य डीज़ल पहले से ही भरा हुआ है। तो क्या टर्बोजेट भरने से पूर्व मुझे इसे अच्छी तरह से साफ करना होगा?

    जैसा कि ऊपर कहा गया है टर्बोजेट का असर देखने में इसका कुछ समय के लिए प्रयोग करना होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि पूरा जमाव साफ करना होगा। टर्बोजेट भरने से पूर्व आपको जमाव साफ करने की जरूरत नहीं है। लेकिन अच्छा यही होगा कि टर्बोजेट भरने से पहले आप सामान्य डीज़ल की मात्रा कम से कम रखें। यदि आप टर्बोजेट डालना शुरू करते हैं तो आपको इसे साफ करना पड़ सकता है, लेकिन कुछ मामलों में टर्बोजेट का प्रयोग शुरू करने के बाद फ्युल फिल्टर बदलना पड़ सकता है , क्योंकि फ्युल टैंक का जमाव आपके फ्युल फिल्टर को जाम कर सकता है ।

  9. मैं टर्बोजेट का नियमित रूप से प्रयोग करता हूँ। अपने वाहन की बेहतर कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए क्या मैं बाज़ार में उपलब्ध किसी और एडिटिव्स का इस्तेमाल कर सकता हूँ?

    जी नहीं। टर्बोजेट अपने आप में सामान्य हाई स्पीड डीज़ल है, जिसमें संतुलित मात्रा में मल्टीफंक्शनल एडिटिव्स मिलाए गए हैं ताकि आपका वाहन हमेशा उत्कृष्ट स्थिति में रहे। यदि आप नियमित रूप से टर्बोजेट का इस्तेमाल कर रहे हैं , तो जब तक वाहन निर्माता या उनके प्रतिनिधि ऐसा करने की सलाह न दे, आपको कोई अन्य एडिटिव मिलाने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में आपको निर्माताओं के साथ दोबारा पता लगा लेना चाहिए कि आप नियमित रूप से टर्बोजेट का इस्तेामाल कर रहे हैं , इसके बावजूद अतिरिक्ति एडिटिव मिलाना जरूरी है या नहीं ।

  10. क्या मेरी नई कार में टर्बोजेट ठीक तरह से कार्य करेगा?
    नए इंजन में कोई जमाव नहीं होता है। ऐसे में उसकी कार्यक्षमता उत्कृष्ट ही रहती है। तथापि नए वाहन में टर्बोजेट का इस्तेमाल करने से यह बात तय है कि इंजन में कोई जमाव नहीं होगा और आपके वाहन की कार्यक्षमता कभी कम नहीं होगी । वास्तव में बहुत से जाने-माने वाहन निर्माता ईंधन के साथ मल्टीफंक्शनल एडिटिव्स इस्तेंमाल करने की सलाह देते हैं ताकि वाहन लंबे समय तक बेहतरीन स्थिति में रहें और उत्कृष्ट कार्यक्षमता बनाए रखे। टर्बोजेट इस्तेमाल के लिए तैयार एडिटिव युक्त डीज़ल ईंधन है जो सुविधा के साथ उत्तम लाभ भी देता है ।
  11. क्या टर्बोजेट सामान्य डीज़ल से अधिक महंगा है?
    टर्बोजेट सामान्य डीज़ल से थोडा ही महंगा है। लेकिन इससे आपकी ड्राइविंग बेहद सुविधाजनक होगी, मरम्मत और रखरखाव का खर्च कम होगा और ईंधन की क्षमता बढ़ती है।
  12. मैं यह कैसे मान लूँ कि टर्बोजेट सही में कार्य करता है?
    देशभर के कई संतुष्ट ग्राहकों द्वारा टर्बोजेट का इस्तेमाल किया जा रहा है। टर्बोजेट की मांग धीरे – धीरे बढ़ रही है। इससे साबित होता है कि ग्राहकों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है । इसके अलावा, टर्बोजेट की कार्यक्षमता का ध्यानपूर्वक विश्लेषण करने के बाद ऑटोमोबाइल रिसर्च असोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई), पुणे महानगर परिवहन (पीएमटी), सीटीसी, कोलकाता जैसे कई संगठनों ने भी टर्बोजेट के विभिन्न लाभों का समर्थन किया है ।
 

Energy boosters diesel

टर्बोजेट टिप्स

सुरक्षित ड्राइविंग

  1. एअरबैग के करीब न बैठें, टक्कर होने पर यह आपके चेहरे को लग सकता है। सामने बैठें है तो नुकीली वस्तु को हाथ में न रखें- इससे एअरबैग पंक्चर हो सकता है
  2. सामने की सीट पर बच्चों को पीछे की ओर न बिठाएं, जोरदार ब्रेक या एक्सिलरेशन से वे जख्मी हो सकते हैं ।
  3. गाड़ी चल रही हो तो अपनी सीट या स्टियरिंग को व्यवस्थित करने का प्रयास न करें। ऐसा करना खतरनाक हो सकता है विशेषत: जब कार किसी गड्डे से गुज़र रही हो या किसी को टक्कर मारी गयी हो । सीट या स्टियरिंग को ठीक करते – करते जोरदार धक्के से दुर्घटना हो सकती है।
  4. ब्लाइंड टर्न पर ओवरटेक न करें, कोई भी अनहोनी घटना हो सकती है। बड़े ट्रक या वाहन को ओवरटेक करते समय सावधानी बरतें।
  5. यात्रा शुरू करते समय दोनो विंडशील्ड को अच्छी तरह से पोंछ लें। विंडशील्ड के पानी को अखबार के कागज से पोंछे।
  6. गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन पर बात न करें- हैंड्स फ्री उपकरण भी घातक हो सकता है ।
  7. यदि आपके कार हैचबैक है तो छत की बूट पर भार न रखें। आपको ओवरटेक करना है, पीछे मुड़ना है या पार्क करना है तो हर चीज़ साफ दिखाई देनी चाहिए ।
  8. ड्राइवर की लंबाई और अपने अंदाजे से रियर व्यूह शीशे व्यवस्थित कर लें। इसके अलावा, सड़क को ग्लास एरिया में लाने के लिए, कुछ अंदाजा लगाने के लिए कार का सी पिलर भी होना चाहिए |
  9. चौराहे पार करते समय गति धीमी करें, आर पार सड़क की यातायात सामने आ सकती है ।
  10. यह सुनिश्चित करें कि टायर का प्रेशर सलाह दी हुए आंकड़ों के अनुसार हो। कम या अधिक प्रेशर से टायर फट सकता है या गलत हैंडलिंग करवा सकता है। टायर के सही प्रेशर का पता लगाने के लिए कार ओनर्स मैन्युअल का संदर्भ लें।
  11. अनुरक्षण

    1. इंजन ऑयल और ऑयल फिल्टर बदलना निहायत जरूरी है; हमेशा निर्माता द्वारा सलाह दी हुए ऑयल की श्रेणी का प्रयोग करें। ऑयल बदलते समय ऑयल फिल्टर को भी बदलें, वरना इंजन में पुराना ऑयल चलता रहेगा |
    2. रेडिएटर कूलेंट को नियमित रूप से बदलते रहें और सही कूलेंट का इस्तेमाल करें, कुछ कैन से डाले जा सकते हैं और कुछ पानी की नियत मात्रा मिलाकर डालने की ज़रूरत है। पानी को मैक्सल सीमा से अधिक न भरें, इससे वॉटर जैकेट दबाव बढ़ सकता है और हेड गास्केट क्षतिग्रस्त हो सकता है।
    3. रेडिएटर और इंजन को जोड़नेवाले रबर होज़ में रिसाव की जाँच करें। ब्रांडेड रेडिएटर फ्लश फ्लुइड का भी प्रयोग फायदेमंद साबित होगा। धुल को साफ करने के लिए रे‍डिएटर फिन को प्रेशर वॉश करें ।
    4. आपके ब्रेक मूल स्थिति में होने चाहिए। यदि ब्रेक कार के डैशबोर्ड में चमकते हैं तो हूड के नीचे रिजर्वायर में ब्रेक फ्लुइड की जाँच करें। यदि कम है तो हर पहिये के पीछे लीक मार्क की जाँच करें। जाँच लें कि पार्किंग ब्रेक चालू स्थिति में है, यदि नहीं तो तुरंत ठीक करवाएं ।
    5. केबिन को स्वच्छ रखें। सबसे अच्छा विकल्प है, प्राधिकृत व्यक्ति से कार के इंटिरियर्स को वैक्यूम से साफ, वैक्स करवाएं। इस बात को सुनिश्चत करें कि केबिन की बत्तियां, सीट नियंत्रण ओर डैश नियंत्रण पूरी तरह से काम कर रहे हैं।
    6. दरवाजे की हिंजस रबर डोर गास्केट के नीचे फ्लश चैनल में जहाँ वाइपर मोटर लगी है में देखें कहीं जंग तो नहीं लगा है। यदि दरारें छेद का रूप ले चुकीं हैं तो किसी प्राधिकृत सर्विस स्टेंशन में इसे भरवाकर पेंट करवा लें।
    7. इंजन बे को स्वच्छ रखें, विभिन्न सिस्टम वैक्यूम पाइप्स, फैन बेल्ट इत्यादि की वायरिंग की जाँच कर लें।
    8. सस्पेन्शन की आवाज़ों पर विशेष ध्यान दें – यदि अजीबो गरीब आवाजें आ रही हैं तो घिसे हुए बुश और डैम्पर्स की जाँच करें ।
    9. अपनी कार को किसी पेशेवर से पॉलिश करवाएं, और उन्हें कार के बॉडी शेल को पेंट करने का अनुरोध करें। महीने में एक बार कार की पॉलिशिंग से जंग लगने का खतरा कम हो जाता है।
    10. सभी पांच टायरों को बारी – बारी से बदलते रहें ताकि समान रूप से घिसें और रोटेशन पूर्ण होने के बाद व्हील्स को एलाइन करवाएं। ट्रेड की गहराई की नियमित रूप से जाँच करवाएं।
    11. बैटरी को डिस्टील्ड वॉटर (नल का पानी नहीं) से नियमित रूप से टॉप अप करें। पुराने होने पर बैटरी सेल लाल हो जाते हैं। बैटरी पैक में बुलबुले उठने का अर्थ है कि बैटरी को बदलने की जरूरत है। बैटरी सामान्यत: दो या ढ़ाई साल तक चलती है और माइलेज पर निर्भर करती है।
    12. ईंधन की बचत

      1. ट्रैफिक में हमेशा सही आरपीएम पर सही गियर में गाड़ी चलाएं। उच्च गियर में धीमी गति से गाड़ी चलाने से ईंधन की खपत बढ़ती है ।
      2. अचानक एक्सिलरेशन और ब्रेक लगाने से ईधन की खपत बढ़ सकती है। समान एक्सिलरेशन, सही गियर और ब्रेक परिवर्तन कार्यक्षमता को बढ़ाता है। अन्य वाहनों के बीच सुरक्षित अंतर बनाएं रखने से भी आप सही ढंग से ड्राइव कर सकते हैं।
      3. टायर में सही प्रेशर रखें – जो कार के दरवाजे पर, फ्यूल टैंक कैप पर या हूड के नीचे दिया गया हो। कम दबाव से हैंडलिंग आसान होती है लेकिन कार की पकड़ अच्छी होने के कारण ईंधन की कार्यक्षमता कम होती है । सामने और पिछले टायरों का प्रेशर अलग-अलग होता है ।
      4. मैन्युअल में निदिष्ट अनुसार इंजन ऑयल नियमित रूप से बदलें। अच्छी तरह से ल्यूब्रिकेट किया गया| इंजन सुचारू रूप से चलता है और ईंधन की कम खपत करता है।
      5. प्रदूषण और मिलावटी ईंधन एअर और ईंधन के फिल्टर को नुकसान पहुँचा सकते हैं और ईधन की खपत को बढ़ा सकते हैं। नियमित सर्विंसिंग के साथ-साथ इन फिल्टरों पर भी नज़र रखें और इन्हें बाधित न होने दें ।
      6. एअर कंडीशन का प्रयोग बेहद सुविधाजनक है लेकिन ढ़लान पर इसका उपयोग कम कर दें क्योंकि इंजन पर अधिक दबाव पड़ता है और यह और इससे ईंधन की खपत बढ़ती है ।
      7. शहर की तुलना में हाइवे पर कार चलाने से ईंधन की कम खपत होती है। लेकिन कार को उसकी क्षमता से अधिक सीमा में चलाने से ईंधन की कार्यक्षमता कम होती है । हाइवे पर गाड़ी चलाते समय सुरक्षित और स्थिर गति बनाए रखें । एक बार गति पकड़ने पर एक्सिलरेटर पर हल्कासा दबाव भी पर्याप्त है। हाइवे पर स्थिर गति बनाए रखने से ईंधन की कार्यक्षमता बढ़ती है।
      8. कार में अधिक भार रखने और अधिक सवारियां बैठने से इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है । कार को अपनी क्षमता से अधिक कार्य करना पड़ता है, जिससे इसकी क्षमता बुरी तरह से प्रभावित होती है। सवारी और सामान की क्षमता के लिए अपने ओनर्स मैन्युअल का संदर्भ लें ।
      9. ईंधन की गुणवत्ता भी ईंधन की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है। मिलावट से बचने के लिए एक ही फ्यूल स्टेशन से ईंधन भरवाएं। खराब ईंधन कार्बन जमाव को बढ़ाता है और इंजन में घर्षण पैदा करता है और ईंधन की कार्यक्षमता में उतार चढ़ाव होता है।
      10. अपनी कार के क्लच और ब्रेक पर ध्यान दें। क्लच चलाने से ईंधन की खपत बढ़़ती है और क्लच भी घिसता है। जैम ब्रेक के साथ कार चलाने से भी इंजन पर अधिक दबाव पड़ता है और ईंधन की खपत प्रभावित होती है।